स्टेशन जैसी हो गई है ये जिंदगी


स्टेशन जैसी हो गई है ये जिंदगी

जहाँ लोग तो बहुत है पर अपना कोई नही



 اسٹیشن جیسی ہو گئی ہے یہ زندگی
جہاں لوگ تو بہت ہیں پر اپنا کوئی نہیں


Station jaisi ho gai hai ye jindagi
jaha log to bahut hai par apna koi nhi

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